Pages

Monday, 5 March 2018

ताज़िमे इरशादे रसूलﷺ

ताज़िमे इरशादे रसूलﷺ
31
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْم
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ

       हज़रते राफ़ेअ रदिअल्लाहो तआला अन्हो कहते हैं एक मरतबा हम लोग एक सफ़र में हुज़ूर ﷺ के हम रिकाब थे और हमारे ऊंटों पर चादरें पड़ी हुई थीं जिन में सुर्ख डोरे थे। हुज़ूर ﷺ ने इर्शाद फ़रमाया कि मैं देखता हूं कि येह सुर्खी तुम पर गालिब होती जाती है।
       हुज़ूर ﷺ का यह इर्शाद फ़रमाना था कि हम लोग एक दम ऐसे घबरा के उठे कि हमारे भागने से ऊंट भी इधर उधर भागने लगे और हम ने फौरन सब चादरें ऊंटों से उतार लीं।
बाक़ी अगली पोस्ट में..ان شاء الله
*✍🏼सहाबएकिराम का इश्के रसूलﷺ* पेज 62
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 9033503799
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in   
▶https://www.youtube.com/channel/UCuJJA1HaLBLMHS6Ia7GayiA

*आज का चाँद* -​ 16

*आज का चाँद* -​ 16
*​माह 6* -​ जमादीउल आखिर
*​हिजरी* -​ 1439

*उर्स*
हज़रत सैयद सिराजुद्दीन शाहेआलम (अहमदाबाद)

*विसाल*
हज़रत ख्वाजा सैयद राजू कताल

*सन्दल*
हज़रत अकरम शाह बाबा (आस्टोडिया, अहमदाबाद)
हज़रत सैयद असदुल्लाह क़ादरी (माधुपुर, अहमदाबाद)

*नॉट :*
3 बार कुल्हुवल्लाह, एक बार सूरए फातिहा आगे पीछे दुरुद शरीफ पढ़ के हुज़ूर ﷺ की व इन बुज़ुर्गाने दिन की बारगाह में और हज़रत आदम ता क़यामत तक के तमाम मोमिनो की रूह को नज़र करदीजिये।
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
📧https://www.youtube.com/channel/UCuJJA1HaLBLMHS6Ia7GayiA

तज़किरतुल अम्बिया* #71

*तज़किरतुल अम्बिया* #71
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ
*नूह عليه السلام की क़ौम के ईमान न लाने की वजह*
     एक वजह यह थी के नूह عليه السلام को अपने जैसा बशर समझने लगे कि हमारे ही जैसा बशर कभी नबी नहीं बन सकता वह इससे बे खबर थे कि नबी को दो हालतें हासिल होती है। एक बशरी और दूसरी नूरानी। वह कहने लगे नबी तो फ़रिश्ता होना चाहिये।
     दूसरी वजह यह थी की हम आला और घटिया लोग एक ही मज़हब पर नहीं हो सकते।
     तीसरी वजह यह थी की तुम और तुम्हारे साथ ईमान लाने वाले हम पर ज़्यादा फ़ज़ीलत तो नहीं रखते। यानी नबी की शान समझने से क़ासिर रहे। नबी की अज़मत को न समझ सके और यह बात उन्हें न समझ आई कि रब के नज़्दीक किसी के माल व दौलत की ज़्यादती अफ़्ज़ल होने का सबब नहीं बल्कि ईमान और तक़्वा अफ़ज़लियत का सबब है। यही रब का सबब है।

*हज़रत नूह عليه السلام का जवाब*
     क्या तुम तअज्जुब करते हो के तुम्हारे रब ने तुम्ही में से एक आदमी के ज़रिये तुम्हे नसीहत दे, तुम्हे डराए ताकि तुम परहेज़गार बन जाओ ताकि तुम पर रहम किया जाए।
     आप ने उनके ईमान से इंकार की इस वजह का जवाब दिया कि "और में उन को निकालने वाला नहीं जो ईमान ले आये है बेशक वह अपने रब से मुलाक़ात करने वाले है अलबत्ता में तुम्हें देखता हूँ कि तुम ऐसी क़ौम हो जो हक़ीक़त से नावाफ़िक़ है।
*✍🏼तज़किरतुल अम्बिया* 68
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
📧https://www.youtube.com/channel/UCuJJA1HaLBLMHS6Ia7GayiA

Sunday, 4 March 2018

*छे लाख दुरुद शरीफ का षवाब*
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ
     हज़रत अहमद सावी رحمة الله عليه बाज़ बुज़ुर्गों से नक़्ल करते है: इस दुरुद शरीफ को एक बार पढ़ने से छे लाख दुरुद शरीफ पढ़ने का षवाब हासिल होता है।
اٙللّٰهُمّٙ صٙلِّ عٙلٰى سٙيِّدِنٙا  مُحٙمّٙدٍ عٙدٙدٙمٙافِىْ عِلْمِاللّٰهِ صٙلٙاةً دٙآىِٔمٙةًم بِدٙوٙامِ مُلْكِاللّٰهِ
*✍🏽اٙفْضٙلُ الصّٙلٙوات عٙلٰى سٙيِّدِالسّادٙات*

*हर रात इबादत में गुज़ारने का आसान नुस्खा*
     गराइबुल क़ुरआन पर एक तिवायत नक़्ल की गई है कि जो शख्स रात में इसे 3 मर्तबा पढ़ लेगा तो गोया उसने शबे क़द्र पा लिया।
لٙآاِلٰهٙ اِلّٙااللّٰهُ الْحٙلِيْمُ الْكٙرِيْمٙ، سُبٙحٰنٙ اللّٰهِ رٙبِّ السّٙمٰوٰتِ السّٙبْعِ وٙرٙبِّ الْعٙرْشِ الْعٙظِيْم
*तर्जमा* : खुदाए हलीम व करीम के सिवा कोई इबादत के लाइक नहीं। अल्लाह पाक है जो सातों आसमानों और अर्शे अज़ीम का परवर दगार है।
*✍🏽फ़ैज़ाने सुन्नत*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
📧https://www.youtube.com/channel/UCuJJA1HaLBLMHS6Ia7GayiA

*वाकिआए में'राज* #11
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ
*आसमान की तरफ उरूज* #01

*पहला आसमान*
     बैतूल मुक़द्दस के मुआमलात से फारिग होने के बाद प्यारे आक़ा ﷺ ने आसमान की तरफ सफर शुरू फ़रमाया और हर बुलन्दी को पस्त फ़रमाते हुवे तेज़ी से आसमान की तरफ बढ़े चले गए, आन की आन में पहला आस्मान आ गया।
     रिवकायत में है कि आप इसके एक दरवाज़े पर तशरीफ़ लाए जिसे "बाबुल हफ़ज़ह" कहा जाता है, इस पर इस्माइल नामी एक फ़रिश्ता मुक़र्रर है। जिब्राइल ने दरवाज़ा खुलवाना चाहा। पूछा कौन है? फ़रमाया जिब्राइल हूँ। पूछा आप के साथ कौन है? फ़रमाया मुहम्मद मुस्तफा ﷺ। पूछा क्या इन्हें बुलाया गया है? फ़रमाया हाँ। इस पर कहा गया खुश आमदीद! क्या ही अच्छा आने वाला आया है!!! फिर दरवाज़ा खोल दिया। जब आप ﷺ दरवाज़े से गुज़र कर आस्मान से ऊपर तशरीफ़ लाए तो देखा की हज़रते आदम عليه السلام तशरीफ़ फरमा है। जिब्राइल ने अर्ज़ किया ये आप के वालिद हज़रत आदम है, इन्हें सलाम फरमाइये। आप ﷺ ने सलाम कहा। उन्होंने जवाब दिया, फिर आप खुश आमदीद करते हुवे कहने लगे सालेह बेटे और सालेह नबी को खुश आमदीद।

*जन्नती व जहन्नमी अरवाह*
     हुज़ूर ﷺ ने आदम عليه السلام के दाएं बाएं कुछ लोगों को मुलाहज़ा फ़रमाया, जब आप عليه السلام अपनी दाई जानिब देखते तो हंस पड़ते है और जब बाई जानिब देखते तो रो पड़ते है। जिब्राइल ने अर्ज़ किया: इन के दाई और बाई जानिब जो ये सूरतें है ये इन की अवलाद है, दाई जानिब वाले जन्नती और बाई जानिब वाले जहन्नमी है।

बाक़ी अगली पोस्ट में..أن شاء الله
*✍🏼फ़ैज़ाने मेराज* 27
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
📧https://www.youtube.com/channel/UCuJJA1HaLBLMHS6Ia7GayiA

*नमाज़ का तरीक़ा* #60
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ
*नमाज़ तोड़ने वाली बाते* #11

*_अल्लाहुअकबर कहने में गलतिया_*
     ★ तकबीराते इन्तिक़ालात में अल्लाहुअकबर के अलिफ़ को दराज़ किया यानी "आल्लाह" या "आकबर" कहा या बा के बाद अलिफ़ बढ़ाया यानि "अकबार" कहा तो नमाज़ फासिद् हो गई
और अगर तकबीरे तहरिमा में ऐसा हुआ तो नमाज़ शुरू ही न हुई।
     ★ अक्सर मुकब्बिर (जमाअत में इमाम की तकबिरात पर ज़ोर से तकबीरे कह कर आवाज़ पहुचाने वाले) ये गलतिया ज़्यादा करते है और यूँ अपनी और दुसरो की नमाज़े गारत करते है।
     ■ लिहाज़ा जो इन अहकाम को अच्छी तरह न जानता हो उसे मुकब्बिर नहीं बनना चाहिये।
     ★ किराअत या अज़्कारे नमाज़ में ऐसी गलती जिस से माना फासिद् हो जाए नमाज़ फासिद् हो जाती है।
*✍🏼दुर्रेमुखतार मअ रद्दलमोहतार, जी.2*
*✍🏼नमाज़ के अहकाम, स. 189*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
📧https://www.youtube.com/channel/UCuJJA1HaLBLMHS6Ia7GayiA

*सीरिया का मेसेज गुम रहा है उसके बारे में कुछ वज़ाहत*
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ
     आज कल कुछ मेसेज गुम रहे है सीरिया के बारे में की "24 घंटे इसे dp पे लगाओ" "आज यौमे दुआ दिन है सीरिया के लिये दुआ करे"
     अव्वल तो में ये कहूँगा की उस dp को रखने से फायदा क्या हासिल होगा? वेसे मुझे जिन लोगो ने ऐसे मेसेज किये मेने उनसे ये सवाल किया तो कोई कोई मुझे रिप्लाय दिए की "हमें पता नहीं।" तो जब आप को उसका इल्म नहीं तो ऐसे मेसेज क्यू भेजते हो?
     और रहा दूसरा मेसेज यौमे दुआ दिन वाला, तो मेने उनसे पूछा की "यानी आप सिर्फ आज के दिन ही उनके लिये दुआ करेंगे ?" किसी का रिप्लाय नहीं आया।
     यानी हम सर्फि whatsapp पे ही दुआ करवाते रहेंगे? क्या यही सिखाया है हमारे आक़ा ﷺ ने हमें?
     क्या हमने ये सोचा की बार बार आज हम मुसलमानो पे जो मुसीबते क्यूं आती है?
     अल्लाह इर्शाद फ़रमाता है "तुम पे जो मुसीबते आती है वो तुम्हारे गुनाहों की वजह से है"

     अव्वल तो हमें ऐसे मेसेज से दूर करना चहिये। इस बात का ख्याल रखे की कोई भी मेसेज जो इस्लाम से जुड़ा हुआ हो उसे बिना सोचे आगे फॉरवर्ड न करे।
     और सबसे अहम बात ये के आज हम पे जो मुसीबते है वो हमारी वजह से ही है, और हम दुसरो पे उंगलियां उठाते है।
     आज हम दीन से दूर, नमाज़ से दूर, क़ुरआन से दूर, ज़िक्रो वज़ाइफ से दूर, और दुन्या से क़रीब हो गए। हमारे आक़ा ने फ़रमाया ये (दुन्या) दारुल अमल है और आख़िरत दारुल जज़ा। लेकिन हम ने अपनी ज़िन्दगी को दुन्यवी उमुर ऐसा मशरूफ कर लिया है की आख़िरत के बारे में सोचने का वक़्त ही नहीं मिलता। बे फ़ुज़ूल मेसेज भेजने का वक़्त है पर दुरुदे पाक के ज़िक्र का वक़्त नहीं, दोस्तों से गप्पे लड़ाने का वक़्त है पर नमाज़ पढ़ने का वक़्त नहीं।
     अब आप ही सोचे हम पे मुसीबतें क्यूं न आए???

     अगर सही में हम चाहते है की आज मुसलमानो से मुसीबते दूर हो तो हमें उसके लिये कुछ करना पड़ेगा..? हमे दिन के 24 घंटो में से सिर्फ 2.5 घंटा निकालकर नमाज़ अदा करनी है। और हर नमाज़ बाद दुआ करे, दुआ में आप जो भी जाइज़ चीज़ मांगे वो आप की मर्ज़ी, पर आखिर में हमें 3 दुआओं को बढ़ाना है।
     (1) या अल्लाह आज दुन्या में मुसलमानों पर बहुत ज़ुल्म हो रहे है, उन्हें ज़ुल्म से नाज़त दिला और जालिमो को हलक करदे।
     (2) या अल्लाह हमने जो भी दुआऐं की है वो तमाम मोमिनों के हक़ में क़ुबूल फरमा।
     (3) या अल्लाह मेरे वालिदैन की और तमाम मोमिनों की मगफिरत फरमा।

      दुआ में हमें "में" अल्फ़ाज़ को निकल कर "हम" को रख देना है। जेसे "या अल्लाह मेरी मगफिरत फरमा" उसके बजाए या अल्लाह हमारी मगफिरत फरमा।
     अगर लिखने में कोई गलती हुई हो या कसी का दिल दुख हो तो मुआफ़ी चाहूँगा 🙏🏽
جزاك الله خيرا
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
📧https://www.youtube.com/channel/UCuJJA1HaLBLMHS6Ia7GayiA

*आज का चाँद* -​ 15
*​माह 6* -​ जमादीउल आखिर
*​हिजरी* -​ 1439

*उर्स*
हज़रत ख्वाजा महमूद हसन (नागोर)
ख्वाजा शम्सुद्दीन तुर्क (पानीपत)
हज़रत शैलानीपीर (फल्ला, जोड़िया)

*संदल*
हज़रत अमाशाह बाबा (जामकंडोरना)

*नॉट :*
3 बार कुल्हुवल्लाह, एक बार सूरए फातिहा आगे पीछे दुरुद शरीफ पढ़ के हुज़ूर ﷺ की व इन बुज़ुर्गाने दिन की बारगाह में और हज़रत आदम ता क़यामत तक के तमाम मोमिनो की रूह को नज़र करदीजिये।
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
📧https://www.youtube.com/channel/UCuJJA1HaLBLMHS6Ia7GayiA

*तज़किरतुल अम्बिया* #70
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ
*नूह عليه السلام की तबलीग का क़ौम पर क्या असर हुआ?*
     आप ने 950 साल दिन रात तबलीग की लेकिन क़ौम क़रीब आने के बजाए दूर होती चली गई आपकी तक़रीर को न सुनने की गर्ज़ से अपने कानों में उँगलियाँ ठूंस लेते। معاذ الله आप से नफरत करते हुए अपने चेहरों को ढांप लेते।
     अल्लाह ने फरमाया: अर्ज़ की ऐ मेरे रब मेने अपनी क़ौम को रात दिन बुलाया तो मेरे बुलाने से उनका भागना बढ़ा ही है और मेने जितनी बार उन्हें बुलाया कि तू उनको बख्शे उन्होंने अपने कानों में उँगलियाँ दे दी और अपने कपड़े ओढ़ लिये और हट धर्मी की और बड़ा गुरुर किया।
     जेसे जेसे आप तबलीग फ़रमाते रहे क़ौम दूर होती रही, अल्लाह के नबी की क़ौम पर शफ़क़त का यह आलम है कि आप उनको उस राह पर चलाना चाहते जिस पर चलने से उनको नजात हासिल हो। अल्लाह उनकी मगफिरत करे अल्लाह उनसे राज़ी हो जाये और वह अल्लाह के क़रीब हो जाये।
     लेकिन क़ौम की बद बख्ती का यह आलम है कि आप से इतनी ज़्यादा नफरत करती है कि आप की बात सुनने के लिये तैयार नहीं और आप को देखना उन्हें गवारा नहीं,वो कानो में इसलिये उँगलियाँ ढुंस रखते ताकि आप का कलाम और आपके पेश कर्दा दलायल को न सुन सकें अपने चेहरों को ढांप कर रखते कि معاذ الله हमें नूह की शक्ल भी नज़र न आये।
     अल्लाह का जिन पर फ़ज़्ल हो वो अल्लाह वालों की बातें सुन कर ईमान लाते है गुनाहों से बाज़ रहते है नेकी व तक़्वा इख़्तियार करते है। और जो शैतान की गिरफ्त में होते है वह हिदायत देने वालों को मलायत, फ़िस्ताइयत के नाम देकर दीन के बागी हो जाते है।

*क़ौम के कितने लोग ईमान लाए?*
     इतना अर्सा तबलीग करने के बावजूद ईमान लाने वालों का मुख़्तसर गिरोह नज़र आता है तीन आपके बेटे साम, हाम, याफस और तीन उनकी बीवियां और एक आप की ज़ौजा और 70 मर्द औरतें। यही ईमानदार लोग कश्ती में सवार थे जिन में मर्द और ओरते बराबर तादाद में थे।
*✍🏼तज़किरतुल अम्बिया* 66
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
📧https://www.youtube.com/channel/UCuJJA1HaLBLMHS6Ia7GayiA

*रहमत के सत्तर दरवाज़े*
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ
     जो ये दुरुदे पाक पढ़ता है तो उस पर रहमत के 70 दरवाज़े खोल दिये जाते है।
صٙلّٙى اللّٰهُ عٙلٰى مُحٙمّٙدٍ
*✍🏽الْقٙوْلُ الْبٙدِيْع ٢٧٧*

*हर रात इबादत में गुज़ारने का आसान नुस्खा*
     गराइबुल क़ुरआन पर एक तिवायत नक़्ल की गई है कि जो शख्स रात में इसे 3 मर्तबा पढ़ लेगा तो गोया उसने शबे क़द्र पा लिया।
لٙآاِلٰهٙ اِلّٙااللّٰهُ الْحٙلِيْمُ الْكٙرِيْمٙ، سُبٙحٰنٙ اللّٰهِ رٙبِّ السّٙمٰوٰتِ السّٙبْعِ وٙرٙبِّ الْعٙرْشِ الْعٙظِيْم
*तर्जमा* : खुदाए हलीम व करीम के सिवा कोई इबादत के लाइक नहीं। अल्लाह पाक है जो सातों आसमानों और अर्शे अज़ीम का परवर दगार है।
*✍🏽फ़ैज़ाने सुन्नत*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
📧https://www.youtube.com/channel/UCuJJA1HaLBLMHS6Ia7GayiA

*अच्छे माहोल की पहचान*
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ
     मीठे मीठे इस्लामी भाइयो ! येह दुन्या रंग व नस्ल और मुख़्तलिफ़ किस्म की तहज़िंबो और तबकात में बटी हुई है। हर तबका, हर तहज़ीब और हर रंग व नस्ल का शख्श खुद को मुआशरे का बेहतरीन फर्द समझता और अपनी बरतरी का राग अलापता है मगर याद रहे कि बेहतरीन मुआशरा और एक अच्छा माहोल वोह है जिस की बुन्याद ख़ौफ़े खुदा, तक़वा और नेकी व परहेज़गारी पर काइम हो, जिस में लोग अल्लाह तआला की रिज़ा के लिये एक दूसरे से महब्बत करते और एक दूसरे के हुक़ूक़ का ख़्याल रखते हो । जिस से तअल्लुक रखने वाले अफ़राद आ'ला सीरत व किरदार के मालिक हों कि अगर कोई उन की सोहबत इख्तियार करे तो वोह भी उन्ही के रंग में रंग जाए । यकीनन अक्लमन्द शख्स वोही है जो ऐसे बेहतरिन माहोल को पहचान कर उस का हिस्सा बन जाए और उस माहोल के दीगर अफ़राद की तरह पाकीज़ा ज़िन्दगी गुज़ारे ।
       मौजूदा दौर में तब्लीगो कुरआनो सुन्नत की आलमगीर गैर सियासी तहरीक दा'वते इस्लामी का मदनी माहोल हमारे लिये एक अज़ीम ने'मत है। येह बात किसी से ढकी छुपी नही है कि दा'वते इस्लामी के मदनी माहोल की बरकत से राहे रास्त से भटके हुवे बे शुमार अफ़राद ख़ौफ़े खुदा और इश्के मुस्तफा के पैकर बन गए। दा'वते इस्लामी ने मुआशरे की इस्लाह और नोजवानों की इल्मी, अमली व अख़लाक़ी तर्बीय्यत के लिये जो इक्दामात किये है उन से लोगो की एक ता'दाद वाकिफ है। आइये खुद भी और अपनी अवलाद को भी दा'वते इस्लामी के महकते हुवे मदनी माहोल से वाबस्ता कर लीजिये। ان شاء الله दिनों दुन्या के ढेरों फवाईद हासिल होंगे ।
*✍अच्छे माहोल की बरकतें* 8-9
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*​अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...​*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​​DEEN-E-NABI ﷺ​*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 79878 71610
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
📧https://www.youtube.com/channel/UCuJJA1HaLBLMHS6Ia7Gayi

*वाकिआए में'राज* #10
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ
*अम्बियाए किराम عليه السلام के ख़ुत्बे* #04
     जब इन तमाम अम्बियाए किराम ने अल्लाह की हम्दो सना और अपने ऊपर उस की बे पायां रहमतों का बयान कर लिया तो सब के बाद तमाम नबियों के सरदार ﷺ ने ख़ुत्बा दिया, ख़ुत्बे से पहले आप ﷺ ने अम्बियाए किराम से फ़रमाया कि तुम सब ने अपने रब की सना बयान की है और अब में रब की तारीफ़ व सना बयान करता हूँ, फिर आप ने इस तरह ख़ुत्बा पढ़ा:
     तमाम तारीफ़ अल्लाह के लिये जसिने मुझे तमाम जहानों के लिये रहमत और तमाम इंसानों के लिये खुश खबरी सुनाने वाला और डर सुनाने वाला बना कर भेजा, मुझ पर हक़ व बातिल में फ़र्क़ करने वाली किताब (क़ुरआन) को नाज़िल फ़रमाया जिस्मे हर शै का रोशन बयान है, मेरी उम्मत में लोगो में ज़ाहिर होने वाली सब उम्मतों में बेहतरीन उम्मत बनाया, दरमियानी उम्मत बनाया और उन्हें अव्वल भी बनाया और आखिर भी, मेरे लिये मेरा सीना कुशादा फ़रमाया, मुझसे बोझ को दूर फ़रमाया, मेरे ज़िक्र को बुलन्द फ़रमाया और मुझे फ़ातेह और खातिम बनाया।
     ये सुन कर हज़रते इब्राहिम عليه السلام ने फ़रमाया : इसी वजह से मुहम्मद ﷺ ने तुम पर फ़ज़ीलत पाई।
     हमारे प्यारे नबी ﷺ की शान किस क़दर आली और बुलन्द है कि हज़रते इब्राहिम عليه السلام भी आप की शान बयान फ़रमाते और सब अम्बियाए किराम पर आप की फ़ज़ीलत का एलान फ़रमाते है, फिर हम क्यूं न कहें कि :
     *सबसे औला व आला हमारा नबी*
     *सबसे बाला व वाला हमारा नबी*
          *ख़ल्क़ से औलिया, औलिया से रसूल*
          *और रसूलों से आला हमारा नबी*
     *मुल्के कौनैन में अम्बिया ताजदार*
     *ताजदारों का आक़ा हमारा नबी*

*✍🏼फ़ैज़ाने मेराज* 25
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
📧https://www.youtube.com/channel/UCuJJA1HaLBLMHS6Ia7GayiA

*नमाज़ का तरीक़ा* #59
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ
*नमाज़ तोड़ने वाली बाते* #10

*_नमाज़ में खुजाना_*
     ★ एक रुक्न में 3 बार खुजाने से नमाज़ फासिद् हो जाती है
     ★ यानि यु कि खुजा कर हाथ हटा लिया फिर खुजाया फिर हाथ हटा लिया ये दो बार हुवा अगर अब इसी तरह तीसरी बार किया तो नमाज़ जाती रहेगी।
     ★ अगर एक बार हाथ रख कर चन्द बार हरकत दी तो ये एक ही मर्तबा खुजाना कहा जाएगा।
*✍🏼आलमगीरी, 1/104*

बाक़ी अगली पोस्ट में..ان شاء الله
*✍🏼नमाज़ के अहकाम, स.188*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
📧https://www.youtube.com/channel/UCuJJA1HaLBLMHS6Ia7GayiA

ताज़िमे इरशादे रसूलﷺ
30
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْم
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ

3) हुज़ूरे अकरम ﷺ एक मरतबा दौलत कदे से बाहर तशरीफ़ ले जा रहे थे, रास्ते मे एक क़ुब्बा (गुुम्बददार हजरह) देखा जो ऊपर बना हुवा था। सहाबा रदिअल्लाहो तआला अन्हो से दरयाफ्त किया, यह क्या है? उन्हों ने अर्ज़ किया: फुलां अंसारी ने क़ुब्बा बनाया है। हुजूर ﷺ सुनकर खामोश रहे किसी दूसरे वक्त वोह अन्सारी हाज़िरे खिदमत हुवे। सलाम अर्ज़ किया, हुज़ूर ﷺ ने ए'राज़ फ़रमाया, सलाम का जवाब भी न दिया, उन्हों ने इस खयाल से कि शायद ख़याल न हुवा हो दोबारा सलाम अर्ज़ किया, हुज़ूर ﷺ ने फिर ए'राज़ फ़रमाया और जवाब नहीं दिया, वोह इस के कैसे मुतहम्मिल हो सकते थे।
      सहाबए किराम अलैहिम रिज़वान से जो वहां मौजूद थे कहा: खुदा की कसम!  सरकार ﷺ तो मुझे ना पसन्द फ़रमा रहे है। उन्हों ने कहा हुज़ूर ﷺ बहार तशरीफ़ ले गए थे रास्ते में तुम्हारा क़ुब्बा देखा था और दरयाफ्त फ़रमाया था कि किसका है?
बाक़ी अगली पोस्ट में..ان شاء الله
*✍🏼सहाबएकिराम का इश्के रसूलﷺ* पेज 60,61
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 9033503799
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in   
▶https://www.youtube.com/channel/UCuJJA1HaLBLMHS6Ia7GayiA