Pages

Friday, 19 May 2017

*फ़ज़ाइले रमज़ान शरीफ* #19
*بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ*
*اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ*

*साल भर की नेकियां बर्बाद*
     फरमाने मुस्तफा صلى الله عليه وسلم "बेशक जन्नत रमज़ान के लिये एक साल से दूसरे साल तक सजाई जाती है, पस जब रमज़ान आता है तो जन्नत कहती है, ऐ अल्लाह ! मुझे इस महीने में अपने बन्दों में से मेरे अन्दर रहने वाले अता फरमा दे। और हूरे कहती है, ऐ अल्लाह ! इस महीने में हमे अपने बन्दों में से शौहर अता फरमा।
     फिर आक़ा صلى الله عليه وسلم ने फ़रमाया जिस ने इस माह में अपने नफ़्स की हिफाज़त की और न तो कोई नशा आवर शय पी और न ही किसी मोमिन पर बोहतान लगाया और न ही इस माह में कोई गुनाह किया तो अल्लाह हर रात के बदले इस का 100 हूरे से निकाह फ़रमाएगा और उस के लिये जन्नत में सोने, चांदी और याकूत का ऐसा महल बनाएगा की अगर सारी दुन्या जमा हो जाए और इस महल में आ जाए तो इस महल की उतनी ही जगह घेरेगी जितना बकरियो का एक बाडा दुन्या की जगह घेरता है।
     और जिसने इस माह में कोई नशा आवर शय पी या किसी मोमिन पर बोहतान बांधा या इस माह में कोई गुनाह किया तो अल्लाह उस के एक साल के आमाल बर्बाद फरमा देगा।
     पस तुम माहे रमज़ान के हक़ में कोताही करने से डरो क्यू की ये अल्लाह का महीना है। अल्लाह ने तुम्हारे लिये 11 महीने कर दिये की इन में नेअमतों से लुत्फ़ अन्दोज़ हो और लज़्ज़त हासिल करो और अपने लिये एक महीना खास कर लिया है। पस तुम रमज़ान के मुआमले में डरो।
*✍🏽अल मुजमुल अवसत, 2/141, हदिष:3688*
*✍🏽फ़ज़ाइले रमज़ान, 73*

*📮षवाब की निय्यत से शेर करे*
*___________________________________*
मिट जाये गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
*___________________________________*
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
💻JOIN WHATSAPP
📲+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*Aurat ke Masaail* #09
*بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ*
*اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ*

*Paak Ho e Ke Din Baqiya Din Guzarna*

♻ Sawal:- Abida Haiz Se Paak Ho Gayi Aur Din Ka Kuch Hissa Baqui Rah Gaya To Kiya Woh Use Roze Ki Misl Gujaregi ? Aur Kya Us Roze Ki Qaza Us Par Wajib Hai Ya Nahi ?

📝 *Jawab:- Haiz-O-Nifaas Wali Paak Huwi Aur Kuch Din Baqui Rah Gaya To Use Roze Ki Misl Guzare Aur Us Roze Ki Qaza Wajib Hai*

*✍🏽Durre Mukhtar*

*📮षवाब की निय्यत से शेर करे*
*___________________________________*
मिट जाये गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
*___________________________________*
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
💻JOIN WHATSAPP
📲+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in

Thursday, 18 May 2017

*फ़ज़ाइले रमज़ान शरीफ* #18
*بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ*
*اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ*

*शयातीन जंजीरो में जकड़ दिये जाते है*
     फरमाने मुस्तफा صلى الله عليه وسلم : जब रमज़ान आता है तो आसमान के दरवाज़े खोल दिये जाते है।
*✍🏽सहीहुल बुखारी, 1/626, हदिष:1899*
     और एक रीवायत में है की जन्नत के दरवाज़े खोल दिये जाते है और दोज़ख के दरवाज़े बन्द कर दिये जाते है शयातीन जंजीरो में जकड़ दिये जाते है। रहमत के दरवाज़े खोले जाते है।
*✍🏽सहीह मुस्लिम, 543, हदिष:1079*

*शैतान क़ैद में होने के बा वुजूद गुनाह क्यू होते है ?*
     हक़ ये है की माहे रमज़ान में आसमानों के दरवाज़े भी खुलते है जिन से अल्लाह की खास रहमते ज़मीन पर उतरती है और जन्नतो के दरवाज़े भी जिस की वजह से जन्नत वाले हूरो गिलमान को खबर हो जाती है की दुन्या में रमज़ान आ गया और वो रोज़ादारो के लिये दुआओ में मश्गुल हो जाते है। रमज़ान में वाक़ई दोज़ख के दरवाज़े ही बन्द हो जाते है जिस की वजह से इस महीने में गुनाहगारो बल्कि काफिरो की क़ब्रो पर भी दोज़ख की गर्मी नही पहुचती। वो जो मुसलमानो में मश्हूर है की रमज़ान में अज़ाबे क़ब्र नही होता इस का यही मतलब है और हक़ीक़त में इब्लीस को क़ैद कर दिया जाता है। _इस महीने में जो कोई भी गुनाह करता है वो अपने अफ़्से अम्मारा की शरारत से करता है न शैतान के बहकाने से।
*✍🏽मीरआतुल मनाजिह्, 3/133*
*✍🏽फ़ज़ाइले रमज़ान, 63*

*📮षवाब की निय्यत से शेर करे*
*___________________________________*
मिट जाये गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
*___________________________________*
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
💻JOIN WHATSAPP
📲+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*मस्तुरात (औरत) के लिये गुस्ल की एहतियाते*
*بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ*
*اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ*

◆ ढलकी हुई पिस्तान को उठा कर पानी बहाए। पिस्तान और पेट के जोड़ की लकीर धोए।
◆ फ़र्ज़े कारिज (यानि औरत की शर्मगाह के बहार के हिस्से) का हर गोशा हर टुकड़ा ऊपर निचे खूब एहतियात से धोए।
◆ फ़र्ज़े दाखिल (यानि शर्मगाह के अंदरुनी हिस्से) में ऊँगली दाल कर धोना फ़र्ज़ नहीं मुस्तहब है।
◆ अगर हैज़ या निफ़ास से फ़ारिग़ हो गुस्ल करे तो किसी पुराने कपड़े से फ़र्ज़े दाखिल के अंदर से खून का असर साफ़ कर लेना मुस्तहब है।
*✍🏽बहारे शरीअत, जी.1, स.318*

◆ अगर नेल पोलिश नाखुनो पर लगी हुई है तो उसका भी छुड़ाना फ़र्ज़ है वरना गुस्ल नहीं होगा, हा मेहदी के रंग में हरज नहीं।
*✍🏽नमाज़ के अहकाम, सफा  88*

*📮षवाब की निय्यत से शेर करे*
*___________________________________*
मिट जाये गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
*___________________________________*
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
💻JOIN WHATSAPP
📲+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*फ़ज़ाइले रमज़ान शरीफ* #17
*بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ*
*اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ*

*माहे रमज़ान में मरने की फ़ज़ीलत*
     जो खुश नसीब मुसलमान रमज़ान में इन्तिक़ाल करता है उस को सुवालाते क़ब्र से अमान मिल जाता है, अज़ाबे क़ब्र से बच जाता और जन्नत का हक़दार क़रार पाता है। चुनान्चे हज़राते मुहद्दिसिने किराम का क़ौल है "जो मोमिन इस महीने में मरता है वो सीधा जन्नत में जाता है, गोया उस के लिये दोज़ख का दरवाज़ा बन्द है।"
*✍🏽अनिसुल वाइज़िन, 25*

*तीन अफ़राद के लिये जन्नत की बशारत*
     हज़रत अब्दुल्लाह इब्ने अब्बास رضي الله عنه से रिवायत है, हुज़ूर صلى الله عليه وسلم का फरमान है : जिसको रमज़ान के इख्तिताम के वक़्त मौत आई वो जन्नत में दाखिल होगा और जिस की मौत अरफा के दिन (यानि 9 जुल हिज्जतुल हराम)  के खत्म होते वक़्त मौत आई वो भी जन्नत में दाखिल होगा और जिस की मौत सदक़ा देने की हालत में आई वो भी दाखिले जन्नत होगा।
*✍🏽हिल्यतुल औलिया, 5/26, हदिष:6187*

*क़यामत तक रोज़ो का षवाब*
     आइशा सिद्दिक़ा رضي الله عنها से रिवायत है, हुज़ूर صلى الله عليه وسلم का इर्शाद है : जिसका रोज़े की हालत में इन्तिक़ाल हुवा, अल्लाह उस को क़यामत तक रोज़ो का षवाब अता फ़रमाता है।

      फरमाने मुस्तफा صلى الله عليه وسلم : ये रमज़ान तुम्हारे पास आ गया है, इस में जन्नत के दरवाज़े खोल दिये जाते है और जहन्नम के दरवाज़े बंद कर दिये जाते है और शयातीन को क़ैद कर दिया जाता है, महरूम है वो शख्स जिस ने रमज़ान को पाया और उस की मगफिरत न हुई की जब इस की जब इसकी रमज़ान में मगफिरत न हुई तो फिर कब होगी ?
*✍🏽फ़ज़ाइले रमज़ान, 61*

*📮षवाब की निय्यत से शेर करे*
*___________________________________*
मिट जाये गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
*___________________________________*
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
💻JOIN WHATSAPP
📲+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*Aurat ke Masaail* #08
*بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ*
*اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ*

🔮 *Halat E Haiz Men Jima'a (Sex,* *Hambistari) Ko Jayez Janna*

♻ Sawal:- Munawwar Jahan Sawal Karti Hai Ki Haiz-O-Nifaas Ki Halat Men Jima'a (Sex, Hambistari) Ka Sharai Hukm Kya Hai ?

📝 *Jawab:- Haiz-O-Nifaas Ki Halat Men Jima'a Hambistari Haraam Hai Aysi Halat Men Jima'a* *Hambistari Jayez Janna Kufr Hai Aur Haram Samajh Kar kiya To Sakht Gunahgar Hua Us Par Taubah Farz Hai Aur Aamad Ke Zamane Me Kya To Ek Dinar Aur Qarib Khatam Ke Kiya To Nisf (Adha) Dinar Khairat Karna Mustahab Hai.*

*✍🏽Auraton Ke Masail Page No. 102*

*📮षवाब की निय्यत से शेर करे*
*___________________________________*
मिट जाये गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
*___________________________________*
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
💻JOIN WHATSAPP
📲+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*आज का चाँद :* 21
*माह 8 :* माहे शअबान
*हिजरी :* 1438

*विसाल :*
सैय्यिद फैज़ुर्रसूल बापू (बोरसद)
खलिफए शैखुल इस्लाम मौलाना इक़बाल (पूना)
*उर्स :*
हज़रत अब्दुल्लाह सईद, हज़रत अब्दुलक़ादिर (टिनतुवे, मोडासा)
अहमदशाह, शरफी मिया पीर (पोरबन्दर)
हाजी अलिपिर बाबा (अलियाबड़ा, जामनगर)
*संदल :*
हजरत बुलंद शहीद व हज़रत मोहसिन दादा (बड़ौदा)
सैय्यिद अहमद उर्फ़ क़ाज़ी बड़ा व सैय्यिद फजलुल्लाह (अहमदाबाद)
*___________________________________*
मिट जाये गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
*___________________________________*
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
💻JOIN WHATSAPP
📲+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in

Wednesday, 17 May 2017

*फ़ज़ाइले रमज़ान शरीफ* #16
*بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ*
*اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ*

*तिन के अंदर तिन पोशीदा*
     मीठे और प्यारे इस्लामी भाइयो ! कोई नेकी छोड़नी नही चाहिए न जाने अल्लाह को कौन सी नेकी पसन्द आ जाए और कोई छोटे से छोटा गुनाह भी नही करना चाहिए नजाने किस गुनाह पर अल्लाह नाराज़ हो जाए और उस का दर्दनाक अज़ाब आ कर घेर ले। खलीफए आला हज़रत, अबू युसूफ मुहम्मद शरीफ मुहद्दिस कोटल्वी عليه رحما नकल फ़रमाते है : अल्लाह ने तीन चीज़ों को तीन चीज़ों में पोशीदा रखा है (1) अपनी रिज़ा को अपनी इताअत में (2) अपनी नाराज़गी को अपनी फ़रमानी में और (3) अपने औलिया को अपने बन्दों में। ये क़ौल नकल करने के बाद फ़रमाते है : लिहाज़ा हर ताअत और हर नेकी को अमल में लाना चाहिये की मालुम नहीं किस नेकी पर वो राज़ी हो जाए और हर बदी से बचना चहिए क्यू की मालुम नही किस बदी पर वो नाराज़ हो जाए। ख्वाह वो केसी ही छोटी हो। मसलन बिला इजाज़त किसी के तिनके का खिलाल करना बी ज़ाहिर एक ममुलिसि बात है। मगर मुमकिन है की इस बुराई में ही हक़ तआला की नाराज़गी छुपी हुई हो। तो ऐसी छोटी छोटी बातो से भी बचना चाहिए।
*✍🏽अख्लाकुस्सालिहीन, 56*
*✍🏽फ़ज़ाइले रमज़ान, 42*

*📮षवाब की निय्यत से शेर करे*
*___________________________________*
मिट जाये गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
*___________________________________*
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
💻JOIN WHATSAPP
📲+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*मर्द व औरत के लिये गुस्ल की एहतियाते*
*بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ*
*اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ*

★ अगर मर्द के सर के बाल गुंधे हुए हो तो उन्हें खोल कर जड़ से नोक तक पानी बहाना फ़र्ज़ है।
★ औरत पर सिर्फ जड़ तर कर लेना ज़रूरी है खोलना ज़रूरी नहीं। हा अगर चोटी इतनी सख्त गुंधी हुई हो के बे खोले जड़े तर न होंगी तो खोलना ज़रूरी है। अगर कानो में बाली या नाक में नथ का छेद हो और वो बंद न हो तो उसमे पानी बहाना फ़र्ज़ है।
★ वुज़ू में सिर्फ नाक के नथ के छेद में और गुस्ल में अगर कान और नाक दोनों में छेद हो तो दोनों में पानी बहाए।
★ भवो, मुछो और दाढ़ी के हर बाल का जड़ से नोक तक और इनके निचे की खाल का धोना ज़रूरी है।
★ कान का हर पुर्ज़ा और इसके सुराख का मुह धोए। कानो के पीछे के बाल हटा कर पानी बहाए।
★ ठोड़ी और गले का जोड़, के मुह उठाए बिगैर न धुलेगा।
★ हाथो को अच्छी तरह उठा कर बगले धोए। बाज़ू का हर पहलू धोए। पीठ का हर ज़र्रा धोए। पेट की बल्टे उठा कर धोए।
★ नाफ में भी पानी डाले अगर पानी बहने में शक हो तो नाफ में ऊँगली डाल कर धोए।
★ जिस्म का हर रोंगटा जड़ से नोक तक धोए।
★ रान और पेड़ू (नाफ से निचे के हिस्से) का जोड़ धोए।
★ जब बैठ कर नहाए तो रान और पिंडली के जोड़ पर भी पानी बहाना याद रखे।
★ दोनों सुरीन के मिलने की जगह का ख्याल रखे, खुसुसन जब के खड़े हो कर नहाए।
★ रानो की गोलाई और पिंडलियों की करवटों पर पानी बहाए।
★ ज़कर व उन्स-यैन (यानि फ़ोतों) की निचली सतह जोड़ तक और उन्स-यैन के निचे की जगह जड़ तक धोए।
★ जिसका खतना न हुवा वो अगर खाल चढ़ सकती हो तो चढ़ा कर धोए और खाल के अंदर पानी चढ़ाए।
*✍🏽मुलख्खस अज़ बहारे शरीअत, जी.1, स. 317-318*
*✍🏽नमाज़ के अहकाम, सफा 86-87*

*📮षवाब की निय्यत से शेर करे*
*___________________________________*
मिट जाये गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
*___________________________________*
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
💻JOIN WHATSAPP
📲+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*फ़ज़ाइले रमज़ान शरीफ* #15
*بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ*
*اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ*

*हज़ार गुना षवाब*
     रमज़ान में नेकियों का अज्र बहुत बढ़ जाता है लिहाज़ा कोशिश करके ज़्यादा से ज़्यादा नेकियां इस माह में जमा करलेनि चाहिये। चुनान्चे हज़रत इब्राहिम नखई رحمة الله عليه फ़रमाते है : रमज़ान में एक दिन का रोज़ा रखना एक हज़ार दिन के रोज़े से अफज़ल है और रमज़ान में एक तस्बीह यानि سبحان الله कहना इस माह के इलावा हज़ार मर्तबा कहने से अफ़्ज़ल है और रमज़ान में एक रकअत पढ़ना गैर माह की एक हज़ार रकअतो से अफ़्ज़ल है।
*✍🏽अद्दुररुल मन्सूर, 1/454*

*रमज़ान में ज़िक्र की फ़ज़ीलत*
     हज़रत उमर फारुके आज़म رضي الله عنه से रिवायत है की हुज़ूर صلى الله عليه وسلم ने फ़रमाया : रमज़ान में ज़िकरुल्लाह करने वाले को बख्श दिया जाता है और इस महीने में अल्लाह से मांगने वाला महरूम नही रहता।
*✍🏽शोएबुल ईमान, 3/311, हदिष:3627*
*✍🏽फ़ज़ाइले रमज़ान, 35*

*📮षवाब की निय्यत से शेर करे*
*___________________________________*
मिट जाये गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
*___________________________________*
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
💻JOIN WHATSAPP
📲+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*Aurat ke Masaail* #07
*بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ*
*اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ*

*Khoon Haiz Ke Rung*

♻ Sawal:- Meri Dost Sabina Ko Sabz Rung (Hara Rung) Ka Haiz Ke Dinon Me Khoon Aaya Kiya Uska Shumar Haiz Me Hoga?

📝 Jawab:- Aap Ki Dost Sabina Ko Jo Sabz (Hara Rung) Rung Ka Khoon Aaya Hai Uska Shumar Haiz Me Hi Hoga.
↪ Kiyon Ki Haiz Ke 6 Rung Hai...
👉 Siyah (Black)
👉 Shurkh (Red)
👉 Sabz (Green)
👉 Zard (Yellow)
👉 Gudla (Jama Huwa Khoon Ka Rung)
👉Mityala (Mitti Colour)

Agar In Rungon Me Se Bari Ke Din (Yani Period Ke Dauran) Me Khoon Aaye To Wo Haiz (Period) Hai.
*✍🏽Bahare Shariat Hissa-02, Page No.-43*

*📮षवाब की निय्यत से शेर करे*
*___________________________________*
मिट जाये गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
*___________________________________*
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
💻JOIN WHATSAPP
📲+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in

Tuesday, 16 May 2017

*गुस्ल के फराइज़* 02
*بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ*
*اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ*

*नाक में पानी चढ़ाना*
     जल्दी जल्दी नाक की नोक पर पानी लगा लेने से काम नहीं चलेगा बल्कि जहा तक नर्म जगह है यानि सख्त हड्डी के शुरू तक धुलना लाज़िम है। और ये यु हो सकेगा की पानी को सूंघ कर ऊपर खिंचीये। ये ख़याल रखिये की बाल बराबर भी जगह धुलने से न रह जाए वरना गुस्ल न होगा। नाक के अंदर अगर रीठ सुख गई है तो उसका छुड़ाना फ़र्ज़ है, नीज़ नाक के बालो का धोना भी फ़र्ज़ है।
*✍🏽बहारे शरीअत, जी.1, स.316*
*✍🏽फतावा रज़विय्या मुखर्रजा, जी.1, स. 439-440*

*तमाम ज़ाहिरी बदन पर पानी बहाना*
     सर के बालो से ले कर पाउ के तल्वो तक जिस्म के हर पुर्ज़े और हर हर रोंगटे पर पानी बह जाना ज़रूरी है, जिस्म की बाज़ जगहे ऐसी है की अगर एहतियात न की तो वो सुखी रह जाएगी और गुस्ल न होगा।
*✍🏽बहारे शरीअत, जी.1, स 317*
*✍🏽नमाज़ के अहकाम, सफा 85-86*

*📮षवाब की निय्यत से शेर करे*
*___________________________________*
मिट जाये गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
*___________________________________*
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
💻JOIN WHATSAPP
📲+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*फ़ज़ाइले रमज़ान शरीफ* 13
*بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ*
*اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ*

*दो अँधेरे दूर*
     मन्कुल है की अल्लाह ने हज़रते मूसा कलीमुल्लाह से फ़रमाया की में ने उम्मते मुहम्मदिय्या को दो नूर अता किये है ताकि वो दो अंधेरो के नुक़्सान से महफूज़ रहे। मूसा कलीमुल्लाह ने अर्ज़ की या अल्लाह ! वो दो नूर कौन से है ? इर्शाद हुवा "नुरे रमज़ान" और "नुरे क़ुरआन"। मूसा कलीमुल्लाह ने अर्ज़ की : दो अँधेरे कौन से है ? फ़रमाया : "एक क़ब्र" और "दूसरा क़यामत" का।
*✍🏽दुर्रतुन्नासीहीन, 9*

*बख्शीश का बहाना*
     हज़रते अलियुल मुर्तज़ा كرم الله وجهه الكريم फ़रमाते है : अगर अल्लाह को उम्मते मुहम्मदी पर अज़ाब करना मक़सूद  होता तो उन को रमज़ान और सूरए कुल्हु वल्लाह शरीफ हरगिज़ इनायत न फ़रमाता।
*✍🏽नुज़हतुल मजालिस, 1/216*
*✍🏽फ़ज़ाइले रमज़ान, 28*

*📮षवाब की निय्यत से शेर करे*
*___________________________________*
मिट जाये गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से, 
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
*___________________________________*
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
💻JOIN WHATSAPP
📲+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*Aurat ke Masaail* #06
*بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ*
*اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ*

*Haiz Ya Istihaza*

♻ Sawal:- Uzma Ka 7 Din Haiz Aaya Uske Baad Uzma Ko 10 Din Baad Dobarah Khoon Aaya- To Kiya Ye Khoon Haiz Ka Hai Ya Istihaza Ka Hai?

📑 Jawab:-2 Haizon Ke Darmiyan Kam Az Kam Pure 15 Din Ka Fasla Zaruri Hai Magar Pure 15 Din Na Huwe Ke Khoon Aaya Woh Istihaza Hai.
*✍🏽Bahare Shariat Hissa-02, Page No-43*

*📮षवाब की निय्यत से शेर करे*
*___________________________________*
मिट जाये गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
*___________________________________*
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
💻JOIN WHATSAPP
📲+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in

Monday, 15 May 2017

*फ़ज़ाइले रमज़ान शरीफ* 12
*بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ*
*اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ*

*जुमुआ की हर घड़ी में दस लाख की मगफिरत*
     हज़रते अब्दुलाह इब्ने अब्बास رضي الله عنه से रिवायत है की हुज़ूर صلى الله عليه وسلم का फरमान है "अल्लाह माहे रमज़ान में रोज़ाना इफ्तार के वक़्त दस लाख ऐसे गुनाहगारो को जहन्नम से आज़ाद फ़रमाता है जिन पर गुनाहो की वजह से जहन्नम वाजिब हो चुकी थी, नीज़ शबे जुमुआ और रोज़े जुमुआ की हर हर घड़ी में ऐसे दस लाख गुनाहगारो को जहन्नम से आज़ाद किया जाता है जो अज़ाब के हक़दार क़रार दिये चुके होते है।
*✍🏽कन्जुल उम्माल, 8/223, हदिष:23716*

*भलाई ही भलाई*
     हज़रते उमर फारुके आज़म رضي الله عنه फ़रमाते है : उस महीने को खुश आमदीद है जो हमें पाक करने वाला है। पूरा रमज़ान खैर ही खैर है दिन का रोज़ा हो या रात का क़याम। इस महीने में खर्च करना जिहाद में खर्च करने का दर्जा रखता है।
*✍🏽तम्बीहुल गाफिलिन, 176*

*खर्च में कुशादगी करो*
     हज़रते ज़ुमुरह رضي الله عنه से मरवी हे की हुज़ूर صلى الله عليه وسلم फ़रमाते है : माहे रमज़ान में घर वालो के खर्च में कुशादगी करो क्यू की माहे रमज़ान में खर्च करना अल्लाह की राह में खर्च करने की तरह है।
*✍🏽अल जामिउस्सागिर, 162, हदिष:2716*
*✍🏽फ़ज़ाइले रमज़ान, 27*

*📮षवाब की निय्यत से शेर करे*
*___________________________________*
मिट जाये गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
*___________________________________*
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
💻JOIN WHATSAPP
📲+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*गुस्ल के फराइज़* #01
*بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ*
*اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ*

*गुस्ल के 3 फराइज़*
1. कुल्ली करना।
2. नाक में पानी चढ़ाना।
3. तमाम ज़ाहिर बदन पर पानी बहाना।
*✍🏽फतावा आलमगिरी, जी.1, स.13*

*कुल्ली करना*
     मुह में थोडा सा पानी ले कर पच करके डाल देने का नाम कुल्ली नहीं, बल्कि मुह के हर पुर्ज़े, गोशे, होटो से हल्क की जड़ तक हर जगह पानी बह जाए। इसी तरह दाढ़ों के पीछे गालो की तह में, दातो की खिड़कियों और जडो और ज़बान की हर करवट पर बल्कि हल्क के कनारे तक पानी बहे।
    रोज़ा न हो तो गरगरा भी कर लीजिये की सुन्नत है।
     दातो में छलिया के दाने या बोटी के रेशे वग़ैरा हो तो उन को छुड़ाना ज़रूरी है। हा अगर छुड़ाने में ज़रर (यानि नुक्सान) का अंदेशा हो तो मुआफ़ है,
     गुस्ल से क़ब्ल दातो में रेशे वग़ैरा महसूस न हुए और रह गए, नमाज़ भी पढ़ ली बाद को मालुम होने पर छुड़ा कर पानी बहाना फ़र्ज़ है, पहले जो नमाज़ पढ़ी थी वो हो गई।
     जो हिलता दांत मसाले से जमाया गया या तार से बांधा गया और तार या मसाले के निचे पानी न पहोचता हो तो मुआफ़ है।
*✍🏽बहारे शरीअत, जी.1, स.316*
*✍🏽फतावा रज़विय्या मुखर्रजा, जी.1, स.439-440*

     जिस तरह की एक कुल्ली गुस्ल के लिये फ़र्ज़ है इसी तरह की 3 कुल्लिया वुज़ू के लिये सुन्नत है।
*✍🏽नमाज़ के अहकाम, सफा 85*

*📮षवाब की निय्यत से शेर करे*
*___________________________________*
मिट जाये गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
*___________________________________*
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
💻JOIN WHATSAPP
📲+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*फ़ज़ाइले रमज़ान शरीफ* 11
*بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ*
*اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ*

*हर शब 60,000 की बख्शिश*
     हज़रते अब्दुल्लाह इब्ने मसऊद رضي الله عنه से रिवायत है कि हुज़ूर صلى الله عليه وسلم ने फ़रमाया : रमज़ान की हर शब आसमानों में सुब्हे सादिक़ तक एक मुनादी ये निदा करता है : ऐ अच्छाई मांगने वाले ! मुकम्मल कर (यानी अल्लाह की इताअत की तरफ आगे बढ़) और खुश हो जा। और ऐ शरीर ! शर से बाज़ आ जा और इब्रत हासिल कर। है कोई मग्फिरत का तालीब ! कि उसकी तलब पूरी की जाए। है कोई तौबा करने वाला ! कि उस की तौबा क़बूल की जाए। है कोई तौबा करने वाला ! कि उसकी तौबा क़बूल की जाए। है कोई दुआ मांगने वाला ! कि उसकी दुआ क़बूल की जाए। है कोई साइल ! कि उसका सुवाल पूरा किया जाए।
     अल्लाह रमज़ानुल मुबारक की हर शब में इफ्तार के वक़्त 60,000 गुनाहगारो को दोज़ख से आज़ाद फ़रमा देता है। और ईद के दिन सारे महीने के बराबर गुनाहगारो की बख्शिश की जाती है।
*✍🏽अद्दुररुल मन्सूर,1/146*
     मीठे और प्यारे इस्लामी भाइयो ! माहे रमज़ान की साअते कितनी बा बरकत है कि हर लम्हा बन्दों में रहमत व मग्फिरते इलाही तक़्सीम हो रही है। ये वो माह है जिस के दिन रोज़ो में और राते तिलावते कलाम पाक में सर्फ होती है और येही दोनों चीज़े  रोज़े महशर मुसलमान के लिये शफ़ाअत का सामान भी फ़राहम करेंगे।

*रोज़ाना दस लाख गुनाहगारो की दोज़ख से रिहाई*
     अल्लाह की इनायतो, रहमतो और बख्शिशो का तज़किरा करते हुए एक मौके पर हुज़ूर صلى الله عليه وسلم ने इर्शाद फ़रमाया : जब रमज़ान की पहली रात होती है तो अल्लाह अपनी मख्लूक़ की तरफ नज़र फ़रमाता है और जब अल्लाह किसी बन्दे की तरफ नज़र फ़रमाता है और जब अल्लाह किसी बन्दे की तरफ नज़र फरमाए तो उसे कभी अज़ाब न देगा।
     और हर रोज़ दस लाख गुनाहगारो को जहन्नम से आज़ाद फ़रमाता है और जब 29वी रात होती है तो महीने भर में जितने आज़ाद किये उन गिनती के बराबर उस एक रात में आज़ाद फ़रमाता है।
     फिर जब ईदुल फ़ित्र की रात आती है। मलाइका ख़ुशी करते है और अल्लाह अपने नूर की ख़ास तजल्ली फ़रमाता है और फ़रिश्तो से फ़रमाता है "ऐ गुरोहे मलाइका ! उस मज़दूर का क्या बदला है जिस ने काम पूरा कर लिया ? फ़रिश्ते अर्ज़ करते है उस को पूरा पूरा अज्र दिया जाए अल्लाह फ़रमाता है : में तुम्हे गवाह करता हु की में ने उन सब को बख्श दिया।
*✍🏽कन्जुल उम्माल, 8/219, हदिष:23702*
*✍🏽फ़ज़ाइले रमज़ान, 25*

*📮षवाब की निय्यत से शेर करे*
*___________________________________*
मिट जाये गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
*___________________________________*
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
💻JOIN WHATSAPP
📲+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*Aurat ke Masaail* #05
*بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ*
*اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ*

  *Haiz Ki Muddat*

♻ Sawal:- Firdous Ko Pahle Do Din Haiz Aa Kar Ruk Gaya Phir Uske Baad Khoon Aaya Hi Nahi To Kya Woh Khoon. Haiz Me Shumar Ho Ga Ya Nahi?

📝 Jawab:- Firdous Ko Do Din Haiz Aa Kar Ruk Gaya Phir Uske Baad Khoon Aaya Hi Nahi To Ye Khoon Haiz Me Shumar Nahi Hoga Kiyon Ki Haiz Ki Kam Se Kam Muddat 3 Din Aur 3 Raten Aur Ziyadah Se Ziyadah 10 Din Aur 10 Raten Hain Ek Mint Bhi Kam Hai To Haiz Nahi .
*✍🏽Bahare Shariat Hissa-2, Safa No.-42*

*📮षवाब की निय्यत से शेर करे*
*___________________________________*
मिट जाये गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
*___________________________________*
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
💻JOIN WHATSAPP
📲+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in

Sunday, 14 May 2017

*फ़ज़ाइले रमज़ान शरीफ* 10
*بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ*
*اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ*

*जन्नत सजाई जाती है*
     रमज़ान के इस्तिक़बाल के लिये सारा साल जन्नत को सजाया जाता है। चुनान्चे हज़रते अब्दुल्लाह इब्ने उमर رضي الله عنه से रिवायत है की हुज़ूर صلى الله عليه وسلم का फरमान है : बेशक जन्नत इब्तिदाई साल से आइन्दा साल तक रमज़ान के लिये सजाई जाती है और फ़रमाया रमज़ान के पहले दिन जन्नत के दरख्तो के निचे से बड़ी आँखों वाली हूरो पर हवा चलती है और वो अर्ज़ करती है, ऐ पवरदगार ! अपने बन्दों में से ऐसे बन्दों को हमारा शौहर बना जिन को देख कर हमारी आँखे ठंडी हो और जब वो हमे देखे तो उन की आँखे भी ठंडी हो।
*✍🏽शुअबुल ईमान, 3/312, हदिष:3633*

     जन्नत की अज़मत की तो क्या ही बात है ! काश ! हमे बे हिसाब बख्श दिया जाए और जन्नतुल फ़िरदौस में मदीने वाले आक़ा صلى الله عليه وسلم का पड़ोस नसीब हो जाए।
*✍🏽फ़ज़ाइले रमज़ान शरीफ, 20*

*📮षवाब की निय्यत से शेर करे*
*___________________________________*
मिट जाये गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
*___________________________________*
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
💻JOIN WHATSAPP
📲+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*फ़ज़ाइले रमज़ान शरीफ* 10
*بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ*
*اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ*

*जन्नत सजाई जाती है*
     रमज़ान के इस्तिक़बाल के लिये सारा साल जन्नत को सजाया जाता है। चुनान्चे हज़रते अब्दुल्लाह इब्ने उमर رضي الله عنه से रिवायत है की हुज़ूर صلى الله عليه وسلم का फरमान है : बेशक जन्नत इब्तिदाई साल से आइन्दा साल तक रमज़ान के लिये सजाई जाती है और फ़रमाया रमज़ान के पहले दिन जन्नत के दरख्तो के निचे से बड़ी आँखों वाली हूरो पर हवा चलती है और वो अर्ज़ करती है, ऐ पवरदगार ! अपने बन्दों में से ऐसे बन्दों को हमारा शौहर बना जिन को देख कर हमारी आँखे ठंडी हो और जब वो हमे देखे तो उन की आँखे भी ठंडी हो।
*✍🏽शुअबुल ईमान, 3/312, हदिष:3633*

     जन्नत की अज़मत की तो क्या ही बात है ! काश ! हमे बे हिसाब बख्श दिया जाए और जन्नतुल फ़िरदौस में मदीने वाले आक़ा صلى الله عليه وسلم का पड़ोस नसीब हो जाए।
*✍🏽फ़ज़ाइले रमज़ान शरीफ, 20*

*📮षवाब की निय्यत से शेर करे*
*___________________________________*
मिट जाये गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
*___________________________________*
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
💻JOIN WHATSAPP
📲+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in