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Monday 24 July 2017

*नमाज़ तोड़ने वाली बाते* #05
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ

*_अमले कसीर की तारीफ_*
★ अमले कसीर नमाज़ को फासिद् कर देता है जब कि न नमाज़ के आमाल से हो न ही इस्लाहे नमाज़ के लिए किया गया हो.
★ जिस काम के करने वाले को दूर कसे देखने से ऐसा लगे कि ये नमाज़ में नही है बल्कि अगर गुमान भी ग़ालिब हो कि नमाज़ में नही तब भी अमले कसीर है.

★ और अगर दूर से देखने वाले को शको शुबा है कि नमाज़ में है या नहीं तो अमले क़लिल है और नमाज़ फासिद् न होगी.
*✍🏼दुर्रे मुख्तार मअ रद्दल मोहतार, जी. 2 स.464*

बाक़ी अगली पोस्ट में..ان شاء الله
*✍🏼नमाज़ के अहकाम, स. 186*

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मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
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