Pages

Tuesday, 3 October 2017

*मुसाफिर की नमाज़* #06
ﺑِﺴْـــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ
الصــلوة والسلام‎ عليك‎ ‎يارسول‎ الله ﷺ

*काम हो गया तो चला जाऊंगा*
     मुसाफिर किसी काम के लिये या अहबाब के इन्तिज़ार में दो चार या तेरह चौदह दिन की निय्यत से ठहरा, या ये इरादा है कि काम हो जाएगा तो चला जाएगा, दोनों सूरतो में अगर आज कल आज कल करते बरसो गुज़र जाए जब भी मुसाफिर ही है, वो नमाज़ क़सर पढ़ेगा।

*✍🏼आलमगिरी 1/139*
*✍🏼नमाज़ के अहकाम 227*

●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*83 आसान नेकियां* #49
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ

*_मुसलमान की हाजत रवाई करना_* #01
     मुसलमान की हाजत रवाई करना कारे षवाब है मषलन उस को रास्ता बता देना, सामान उठाने में उस की मदद कर देना या उस की कोई ज़रूरत पूरी कर देना, अल गर्ज़ किसी भी तरह से उस के काम आने की बड़ी फ़ज़ीलत है।
     फरमाने मुस्तफा صلى الله عليه وسلم : जो अपने किसी मुसलमान भाई की हाजत रवाई के लिये जाता है अल्लाह उस पर 75000 मलाइका के ज़रीए साया फ़रमाता है, वो फ़रिश्ते उस के लिये दुआ करते है और वो फारिग होने तक रहमत में गौता ज़न रहता है और जब वो इस काम से फारिग हो जाता है तो अल्लाह उस के लिये एक हज और एक उमरे का षवाब लिखता है।
*✍🏼الترغيب والترهيب*

     अगर इस गए गुज़रे दौर में हम सब एक दूसरे की गमख्वारी व  गमगुसारी में लग जाए तो आनन फानन दुन्या का नक़्शा ही बदल कर रह जाए। लेकिन आह ! अब तो भाई भाई के साथ टकरा रहा है, आज मुसलमान की इज़्ज़त व आबरू और उस के जानो माल मुसलमान ही के हाथो पामाल होते नज़र आ रहे है। अल्लाह हमे नफ़रतें मिटाने और महब्बते बढ़ाने की तौफ़ीक़ अता फरमाए।
أمين بجاه النبى الامين

बाक़ी अगली पोस्ट में..أن شاء الله
*✍🏼आसान नेकियां* 132

●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in

Monday, 2 October 2017

*कबीरा गुनाह नंबर 12* #03
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ

*_ज़िना करना_*

*ज़िना की मज़म्मत में फरमाने मुस्तफा* #02
     3 लोगों से अल्लाह बरोज़े क़यामत न कलाम फ़रमाएगा न उन्हें पाक करेगा और न ही उन की तरफ नज़रे रहमत फ़रमाएगा और उन के लिये दर्दनाक अज़ाब होगा : (1) बूढ़ा ज़ानी (2) झुटा बादशाह (3) मुरकब्बिर फ़क़ीर।
*✍🏼مسلم*

     मुजाहिदीने इस्लाम की औरतो की हुरमत जंग में शरीक न होने वाले लोगों पर अपनी माओं की हुरमत की तरह है तो जो इन की बीवियों के बारे में खियानत करेगा तो उस खाइन को उस मुजाहिद के लिये खड़ा किया जाएगा और वो उस की नेकियों में से जो चाहेगा ले लेगा तो तुम्हारा क्या ख्याल है ?
*✍🏼مسلم*

     4 तरह के लोगों को अल्लाह मबगुज़ रखता है (1) ब कसरत क़समें खाने वाला ताजिर (2) मुतकब्बिर फ़क़ीर (3) बूढ़ा ज़ानी (4) ज़ालिम हुक्मरान।
*✍🏼نساىٔى*

     सब से बद तरीन ज़िना अपनी माँ, बहन, बाप की बीवी और महारिम के साथ ज़िना करना है।

     जो शख्स महरम के साथ बदकारी करे उस को क़त्ल कर डालो।
*✍🏼ترمذى*
*✍🏼76 कबीरा गुनाह* 58

●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*मुसाफिर की नमाज़* #05
ﺑِﺴْـــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ
الصــلوة والسلام‎ عليك‎ ‎يارسول‎ الله ﷺ

*_वतन की किस्मे_*
     वतन की दो किस्मे है
1 : वतने असली : यानी वो जगह जहा इसकी पैदाइश हुई है या इस के घर के लोग वहा रहते है या वहा सुकूनत कर ली और ये इरादा है कि यहा से न जाएगा।
2 : वतने इक़ामत : यानी वो जगह कि मुसाफिर ने 15 दिन या इससे ज़्यादा ठहर ने का वहा इरादा किया हो।

*_वतने इक़ामत बातिल होने की सूरत_*
     वतने इक़ामत दूसरे वतने इक़ामत को बातिल कर देता है यानी एक जगह 15 दिन के इरादे से ठहरा फिर दूसरी जगह इतने ही दिन के इरादे से ठहरा तो पहली जगह वतन न रही। दोनों के दरमियान मसाफते सफर हो या न हो। यु ही वतने इक़ामत वतने असली और सफर से बातिल हो जाता है।
*✍🏽आलमगिरी 1/145*

●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*83 आसान नेकियां* #48
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ
*मरीज़ की इयादत करना* #02

*_इयादत के मदनी फूल_*
     मरीज़ की इयादत करना सुन्नत है। अगर मालुम है कि इयादत को जाएगा तो उस बीमार पर गिरां गुज़रेगा ऐसी हालत में इयादत न करे। इयादत को जाए और मरज़ की सख्ती देखे तो मरीज़ के सामने ये ज़ाहिर न करे की तुम्हारी हालत खराब है और न सर हिलाए जिस से हालत का खराब होना समझा जाता है। उस के सामने ऐसी बाते करनी चाहिये जो उस के दिल को भली मालुम हो। उसकी मिज़ाज पुर्सी करे। उस के सर पर हाथ न रखे मगर जबकि वो खुद इस की ख्वाहिश करे। फ़ासिक़ की इयादत भी जाइज़ है क्यू की इयादत हुकुके इस्लाम से है और फ़ासिक़ भी मुसलमान है।
*✍🏼बहारे शरीअत* 3/505

*_मरीज़ के लिये एक दुआ_*
     फरमाने मुस्तफा صلى الله عليه وسلم : जिस ने किसी ऐसे मरीज़ की इयादत की जिस की मौत का वक़्त करीब न आया हो और सात मर्तबा ये अलफ़ाज़ कहे तो अल्लाह उसे उस मरज़ से शिफ़ा अता फ़रमाएगा :
اٙسْىٔٙلُ اللّٰهٙ الْعٙظِيْمٙ رٙبّٙ الْعٙرْشِ الْعٙظِيْمِ اٙنْ يّٙشْغِيٙكٙ
तर्जमा : में अज़मत वाले, अर्शे अज़ीम के मालिक यानी अल्लाह से तेरे लिये शिफ़ा का सुवाल करता हूँ।
*✍🏼سنن أبى داود*
*✍🏼आसान नेकियां* 131

●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in

Sunday, 1 October 2017

*कबीरा गुनाह नंबर 12* #02
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ

*_ज़िना करना_*

*ज़िना की मज़म्मत में फरमाने मुस्तफा* #01
     रसूले अकरम صلى الله عليه وسلم से सवाल किया गया कौन सा गुनाह सब से बड़ा है ? इर्शाद फ़रमाया तू किसी को अल्लाह का हमसर क़रार दे हालाकिं उस ने तुझे पैदा किया है। अर्ज़ की गई : फिर कौन सा ? फ़रमाया : तेरा अपनी औलाद को इस खौफ से क़त्ल कर देना कि वो तेरे साथ खाएगी। अर्ज़ की गई फिर कौन सा ? फ़रमाया : तेरे अपने पड़ोसी की बीवी से ज़िना करना।
*✍🏼مسلم*

     ज़ानी जिस वक़्त ज़िना करता है मोमिन नहीं होता और चोर जिस वक़्त चोरी करता है मोमिन नही होता और शराबी जिस वक़्त शराब पिता है मोमिन नही होता।
*✍🏼مسلم*
(इन तमाम मक़ामात में या तो कमाले ईमान मुराद है या नुरे ईमान, यानी इन गुनाहों के वक़्त मुजरिम से नुरे ईमान निकल जाता है वरना ये गुनाह कुफ़्र नहीं न इन का मूर्तक़िब मुर्तद, अगर इसी हालत में मारा जाए तो वो काफ़िर न मरेगा।
*✍🏼मीरआतुल मनाजिह* 1/75

     जब बन्दा ज़िना करता है तो ईमान उस से निकल जाता है पस वो (उस के सर पर) साइबान की तरह होता है फिर जब बन्दा ज़िना से फारिग होता है तो ईमान उस की तरफ लौट आता है।
*✍🏼ابو داود*

     जो शख्स ज़िना करता या शराब पिता है तो अल्लाह उस से ईमान (कमाल ईमान) यूँ निकालता है जेसे इंसान अपने सर से किमस उतारे।
*✍🏼مستدرك حاكم*

बाक़ी अगली पोस्ट में..أن شاء الله
*✍🏼76 कबीरा गुनाह* 56

●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*मुसाफिर की नमाज़* #04
ﺑِﺴْـــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ
الصــلوة والسلام‎ عليك‎ ‎يارسول‎ الله ﷺ

*_सफर के दो रस्ते_*
     किसी जगह जाने के दो रस्ते है एक से मसाफ़ते सफर है दूसरे से नही (यानी नजदीक वाले रस्ते से जाए तो 90 k.m और दूर वाले रस्ते से 92k.m है) तो जिस रस्ते से ये जाएगा उस का ऐतिबार है, नज़दीक वाले रस्ते से गया तो मुसाफिर नही और दूर वाले से गया तो है अगर्चे इस रस्ते के इख़्तियार करने में इस की कोई गरजे सहीह न हो।
*✍🏽आलमगिरी 1/138*
*✍🏽दुर्रेमुखतर मअ रद्दलमोहतर 2/603*

*_मुसाफिर कब तक मुसाफिर है_*
     मुसाफिर उस वक़्त तक मुसाफिर है जब तक अपनी बस्ती में पहुच न जाए या आबादी में पुरे 15 दिन ठहर ने की निय्यत न करले, ये उस वक़्त है जब पुरे 92 k.m चल चूका हो अगर 92 k.m पहले वापसी का इरादा कर लिया तो मुसाफिर न रहा अगर्चे जंगल में हो।
*✍🏽दुर्रेमुखतार मअ रद्दलमोहतर 2/605*
*✍🏽नमाज़ के अहकाम 226*

●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*83 आसान नेकियां* #47
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ

*मरीज़ की इयादत करना* #01
     बीमार की इयादत करना भी बड़े अज़्रो षवाब का काम है, हुज़ूर صلى الله عليه وسلم ने फ़रमाया : जिस ने मरीज़ की इयादत की अल्लाह उस पर 75 हज़ार मलाइका के ज़रीए साया फ़रमाएगा और घर वापसी आने तक उस के हर क़दम उठाने पर उस के लिये एक नेकी लिखी जाएगी और उस के हर क़दम रखने पर उस का एक गुनाह मिटा दिया जाएगा और एक दर्जा बुलन्द किया जाएगा, जब वो मरीज़ के साथ बैठेगा तो रहमत उसे ढांप लेगी और अपने घर वापस आने तक रहमत उसे ढाँपे रहेगी।
*✍🏼الترغيب والترهيب*

*_फ़रिश्ते इयादत करेंगे_*
     फरमाने मुस्तफा صلى الله عليه وسلم : हज़रते मूसा عليه السلام ने अल्लाह से अर्ज़ की, कि मरीज़ की इयादत करने वाले को क्या अज्र मिलेगा ? अल्लाह ने इर्शाद फ़रमाया : उस के लिये दो फ़रिश्ते मुक़र्रर किये जाएंगे जो क़यामत तक उस की क़ब्र में रोज़ाना उस की इयादत करेंगे।
*✍🏼شرح الصرور*
बाक़ी अगली पोस्ट में..ان شاء الله
*✍🏼आसान नेकियां, 130*

●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in

Saturday, 30 September 2017

*DEEN-E-NABI ﷺ*

*ग्रुप के रूल्स ये है की मेम्बर ग्रुप में पोस्ट नही करेगा। और ना ही सलाम करेगा। रूल्स फॉलो न करने पर रिमूव किया जाएगा।*
     नॉट : सलाम न करने की वजह ये है की जवाब में 10-15 मेसेज आ आते है। हाला की मसअला ये है की कोसो एक के जवाब से सब बरीउ जिम्मे हो जाते है।

*अगर कोई मसअला है या पोस्ट पे कुछ ऐतराज़ है तो ऐडमिन को पर्सनल में मेसेज करे।*

गर ये रूल्स पर अमल कर सकते है तो इस लिन्क के जरये से ऐड हो जाईये।

https://chat.whatsapp.com/HM1TdumUSwsKIGax5EZrqQ
*गुनाहे कबीरा नंबर 12* #01
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ

*_ज़िना करना_*
     अल्लाह ज़िना की मज़म्मत करते हुवे इर्शाद फ़रमाता है :
_और बदकारी के पास न जाओ बेशक वो बे हयाई है और बहुत ही बुरी राह।_
*✍🏼بنى إسرائيل ٣٢*

_और वो जो अल्लाह के साथ किसी दूसरे मअबूद को नही पूजते और उस जान को जिस की अल्लाह ने हुरमत रखी नाहक़ नही मारते और बदकारी नही करते और जो ये काम करे वो सज़ा पाएगा।_
*✍🏼الفرقان ٦٨*

_जो औरत बदकार हो और जो मर्द तो उन में हर एक को सौ कोड़े लगाओ और तुम्हें उन पर तरस न आए अल्लाह के दीन में।_
*✍🏼النور ٢*

_बदकार मर्द निकाह न करे मगर बदकार औरत या शिर्क वाली से और बदकार औरत से निकाह न करे मगर बदकार मर्द या मुशरिक और ये काम ईमान वालों पर हराम है।_
*✍🏼النور ٣*

बाक़ी अगली पोस्ट में..أن شاء الله
*✍🏼76 कबीरा गुनाह* 55

●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in

Friday, 29 September 2017

*डेली दुआ*
*بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ*
*اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ*

इस किताब में सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक की ان شاء الله सभी दुआए है। pdf इस वजह से बनाई है की ये हमेशा आप के पास रहे ताकि आप हर काम करते वक़्त उस दुआ को पढ़ सके। इसे खुद भी रखे और दुसरो तक भी पोहचाए।
किताब निचे दी हुई लिंक से डाऊनलोड करे।
*दुआए खैर का तालिब*
جزاك الله

https://drive.google.com/file/d/0BxNzOp0x1IN_WmFvU295ZUlsUVk/view?usp=drivesdk
*📮षवाब की निय्यत से शेर करे*
*___________________________________*
मिट जाये गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
*___________________________________*
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
💻JOIN WHATSAPP
📲+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*मुसाफिर की नमाज़* #02
بسم الله الرحمن الرحيم
الصــلوة والسلام‎ عليك‎ ‎يارسول‎ الله ﷺ

_*शरई सफर की मसाफत*_
शरअन मुसाफिर वो शख्स है जो साठे 57 मिल (तकरीबन 92 किलो मीटर) के फासिल तक जाने के इरादे से अपने मक़ामे इक़ामत मसलन शहर या गाउ से बाहर हो गया।
*✍🏼फतावा रज़विय्या 8/270*

*_मुसाफिर कब होगा_*
महज़ निययते सफर से मुसाफिर न होगा बल्कि मुसाफिर का हुक्म उस वक़्त है कि बस्ती की आबादी से बाहर हो जाए शहर में है तो शहर से, गाउ है तो गाउ से, और शहर वालो के लिये ये भी ज़रूरी है की शहर के आस पास जो आबादी शहर से मुत्तसिल है उससे भी बाहर आ जाए।
*✍🏼दुर्रेमुखतार, रद्दलमोहतार 2/599*

*_आबादी खत्म होने का मतलब_*
आबादी से बाहर होने से मुराद ये है कि जिधर जा रहा है उस तरफ आबादी खत्म हो जाए अगर्चे उसकी बराबर दूसरी तरफ खत्म न हुई हो
*✍🏼गुन्यातल मुस्तमली 536*
*✍🏼नमाज़ के अहकाम 224*

●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*83 आसान नेकियां* #46
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ

*_जानवरों पर रहम खाना_*
     इस्लाम इतना प्यारा मज़हब है कि इस में इन्सान तो इन्सान जानवरों के भी हुक़ूक़ मौजूद है, चुनान्चे, जो जानवर सांप, बिच्छु वगैरा की तरह मुज़ी (अज़िय्यात पहुचाने वाले) न हो उन को बिला वजह तकलीफ पहुचाना मना है, यहाँ तक की जिन जानवरों को खाने के लिये ज़बह किया जाता है उन्हें भी ऐसे तरीके से ज़बह करने की ताकीद है जिस में उन्हें कम से कम तकलीफ हो, चुनान्चे मदनी आक़ा صلى الله عليه وسلم ने हुक्म दिया कि जब तुम ज़बह करो तो अहसन (खूब उम्दा) तरीके से ज़बह करो और तुम अपनी छुरी को अच्छी तरह तेज़ कर लिया करो और ज़बीहा को आराम दिया करो।
*✍🏼صحيح مسلم*

     ब वक़्ते ज़बह रिज़ाए इलाही की निय्यत से जानवर पर रहम खाना कारे षवाब है जैसा कि एक सहाबी ने बारगाहे रिसालत में अर्ज़ की या रसूलुल्लाह صلى الله عليه وسلم मुझे बकरी ज़बह करने पर रहम आता है। फ़रमाया : अगर उस पर रहम करोगे तो अल्लाह भी तुम पर रहम फ़रमाएगा।
*✍🏼مسند أمام احمد بن حنبل*
*✍🏼आसान नेकियां, 125*

●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in

Thursday, 28 September 2017

*गुनाहे कबीरा नंबर 11*
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ

*_मैदाने जिहाद से भाग जाना_*
     अल्लाह इर्शाद फ़रमाता है : _और जो उस दिन उन्हें पीठ देगा मगर लड़ाई का हुनर करने या अपनी जमाअत में जा मिलने को तो वो अल्लाह के गज़ब में पलटा और उस का ठिकाना दोज़ख है और क्या बुरी जगह है पलटने की।_
*✍🏼الأنفال ١٦*

     हुज़ूर صلى الله عليه وسلم ने इर्शाद फ़रमाया : सात हलाक करने वाले गुनाहों से बचो। इन में से आप ने एक मैदाने जिहाद से भाग जाने को भी ज़िक्र किया।

*✍🏼76 कबीरा गुनाह, 54*

●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*मुसाफिर की नमाज़* #01
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ

     अल्लाह तआला सुरतुन्निसाअ की आयत 101 में इरशाद फ़रमाता है :
*और जब तुम ज़मीन में सफर करो तो तुम पर गुनाह नही कि बाज़ नमाज़े कसर से पढ़ो। अगर तुम्हे अंदेशा हो कि काफ़िर तुम्हे इज़ा देंगे, बेशक कुफ्फार तुम्हारे खुले दुश्मन है*

     हज़रत मुहम्मद नईमुद्दीन मुरादाबादी अलैरहमा फरमाते है : खौफे कुफ्फार कसर के लिये शर्त नही, हज़रत याला बिन उमय्या ने हज़रत उमर رضي الله تعالي عنه से अर्ज़ की, कि हमतो अमन में है, फिर हम क्यू क़सर करते है ? फ़रमाया : इसका मुझे भी तअज्जुब हुवा था तो मेने हुज़ूर ﷺ से दरयाफ़्त किया। हुज़ूर ﷺ ने इरशाद फ़रमाया : तुम्हारे लिए ये अल्लाह की तरफसे सदक़ा है तुम उसका सदक़ा क़बूल करो।
*✍🏼सहीह मुस्लिम 1/231*

     हज़रते अब्दुल्लाह बिन उमर से रिवायत है, अल्लाह के रसूल ﷺ ने सफर की दो रकअते मुक़र्रर फ़रमाई और ये पूरी है कम नही यानी अगर्चे ब ज़ाहिर दो रकअत कम हो गई मगर षवाब में चार के बराबर है।
*✍🏼सुनन इब्ने माजह 2/59*
*✍🏼नमाज़ के अहकाम 222*

●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*83 आसान नेकियां* # 45
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ

*_रस्ते से तकलीफ देह चीज़ को हटाना_*
     अगर रस्ते में कोई ऐसी चीज़ पड़ी हो जिस से गुज़रने वालों को तकलीफ पहुंचने का अन्देशा हो मषलन कोई कांटा या छिलका या पथ्थर वगैरा, तो ज़रा सी मेहनत से उसे वहां से हटा दीजिये और अज़ीमुश्शान षवाब के हक़दार बनिये, चुनांचे हज़रते अबू दरदा رضي الله عنه से रिवायत है कि जिस ने मुसलमानों के रास्ते से इज़ा पहुंचाने वाली चीज़ हटा दी उस के लिये एक नेकी लिखी जाएगी और जिस के लिये अल्लाह के पास एक नेकी लिखी जाए तो अल्लाह इस नेकी के सबब उसे जन्नत में दाखिल फरमा देगा।
*✍🏼المعجم الاوسط*

*_जन्नत में दाखिला मिल गया_*
     फरमाने मुस्तफा صلى الله عليه وسلم ने फ़रमाया : एक शख्स किसी रास्ते से गुज़र रहा था, उस ने उस रास्ते पर एक कांटेदार शाख को पाया तो उसे रस्ते से हटा दिया, अल्लाह को उस शख्स का ये अमल पसन्द आया और उस बन्दे की मगफिरत फरमा दी।
     एक रिवायत में है कि एक शख्स रास्ते के बिच में पड़ी हुई दरख्त की शाख के क़रीब से गुज़रा तो उस ने कहा : खुदा की क़सम ! में मुसलमानों के रास्ते से इसे ज़रूर हटा दूंगा ताकि ये उन्हें तकलीफ न पहुंचाए तो उसे जन्नत में दाखिल कर दिया गया।
     एक रिवायत में है की में ने एक शख्स को जन्नत में फिरता हुवा देखा क्यू की उस ने रास्ते में गिरे हुवे एक दरख्त को काट दिया था जो लोगों को तकलीफ पहुंचा रहा था।
*✍🏼صحيح مسلم*
*✍🏼आसान नेकियां, 124*

●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in

Wednesday, 27 September 2017

*गुनाहे कबीरा नंबर 10*
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ

*_रमज़ान के रोज़े बिला उज़्र छोड़ देना_*

*तारीके रोज़ा की मज़म्मत में फरमाने मुस्तफा*
     जिस ने बगैर किसी उज़्र और रुख्सत के रमज़ान का रोज़ा छोड़ दिया तो सारी ज़िन्दगी के रोज़े भी उस के बराबर नहीं हो सकते अगर्चे बाद में रख भी ले।
*✍🏼ابوداود*

     पंचो नमाज़े, एक जुमाआ दूसरे जुमुआ तक और एक रमज़ान दूसरे रमज़ान तक दरमियान में होने वाले तमाम गुनाहों का कफ़्फ़ारा है जब की कबीरा गुनाहों से बचा जाए।
*✍🏼مسلم*

     जो झूट बोलना और उस पर अमल करना न छोडे तो अल्लाह उस के खाने और पिने को तर्क करने की कुछ परवा नहीं फ़रमाता।
*✍🏼بخاري*

     उस शख्स की नाक ख़ाक आलूद हो जिस ने रमज़ान का महीना पाया फिर उस की बख़्शिश न हुई।
*✍🏼ترمذى*
*✍🏼76 कबीरा गुनाह, 53*

●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*नमाज़ी के आगे से गुज़रने के अहकाम*​ #03
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ

     अगर कोई इस क़दर उची जगह पर नमाज़ पढ़ रहा है कि गुज़रने वाले के आज़ा नमाज़ी के सामने नही हुए तो गुज़रने वाला गुनाहगार नही।

     दो शख्स नमाज़ी के आगे से गुज़रना चाहते है इसका तरीक़ा ये है कि इन में से एक नमाज़ी के सामने पीठ कर के खड़ा हो जाए। अब इसको आड़ बना कर दूसरा गुज़र जाए। फिर दूसरा पहले की पीठ के पीछे नमाज़ी की तरफ पीठ कर के खड़ा हो जाए। अब पहला गुज़र जाए फिर वो दूसरा जिधर से आया था उसी तरफ हट जाए।

     कोई नमाज़ी के आगे से गुज़रना चाहता है तो नमाज़ी को इजाज़त है कि वो उसे गुज़रने से रोके ख्वाह "सुब्हानअल्लाह" कहे या ज़हर (यानी बुलन्द आवाज़ से) किरआत करे या हाथ या सर या आँख के इशारे से मना करे। इससे ज़्यादा की इजाज़त नही। मसलन कपड़ा पकड़ कर झटकना या मारना बल्कि अगर अमले कसीर हो गया तो नमाज़ ही जाती रही।

     तस्बीह व इशारा दोनों को बिला ज़रूरत जमा करना मकरूह है।

औरत के सामने से गुज़रे तो औरत तस्फीक़ से मना करे यानी सीधे हाथ की उंगलिया उलटे हाथ की पुश्त पर मारे। अगर मर्द ने तस्फीक़ की और औरत ने तस्बीह कहि तो नमाज़ फासिद् न हुई मगर खिलाफे सुन्नत हुवा।

     तवाफ़ करने वाले को दौराने तवाफ़ नमाज़ी के आगे से गुज़रना जाइज़ है।
*✍🏼नमाज़ के अहकाम 217*

●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in

Tuesday, 26 September 2017

*कबीरा गुनाह नंबर 9*
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ

*_रसूलुल्लाह पर झूट बांधना_*
     रसूले अकरम صلى الله عليه وسلم पर झूट बांधना कुफ़्र है और ये अमल बन्दे को खारिज अज़ इस्लाम कर देता है। बिलाशुबा हराम को हलाल और हलाल को हराम क़रार देने के मुआमले में क़सदन अल्लाह और उस के रसूल صلى الله عليه وسلم पर झूट बांधना खालिस कुफ़्र है।

     बिला शुबा हुज़ूर صلى الله عليه وسلم पर झूट बांधने का मुआमला दूसरे पर झूट बांधने की तरह नहीं खुद रसूले करीम صلى الله عليه وسلم ने इर्शाद फ़रमाया :
     मुझ पर झूट बांधना, मेरे गैर पर झूट बांधने की तरह नहीं है जो जान बुझ कर मुझ पर झूट बांधे उसे चाहिये कि अपना ठिकाना जहन्नम में बना ले।
*✍🏼مسلم*

     जो शख्स मुझ पर झूट बांधेगा उस के लिये जहन्नम में घर बनाया जाएगा।
*✍🏼مسند احمد، مسند عبد الله بن عمر*

     जो मेरे हवाले से ऐसी बात करे जो में ने नहीं कही उसे चाहिये कि वो अपना ठिकाना जहन्नम में बना ले।
*✍🏼ابن ماجة*

     झूट और खियानत के इलावा मोमिन की तबीअत में हर बात हो सकती है।
*✍🏼مسند احمد*

     जिस ने मेरे हवाले से कोई हदिष रिवायत की हालांकि उस का झूट होना उसे मालुम हो तो वो झूटों में से एक झुटा है।
*✍🏼مسلم*

     पस आप पर इन अहादिष के ज़रीए ज़ाहिर हो गया कि मौज़ूअ हदिष को रिवायत करना जाइज़ नहीं है।
(जो झूटी बात घड़ कर सरकार صلى الله عليه وسلم की तरफ बतौरे हदिष मन्सूब कर दी गई हो उसे मौज़ूअ हदिष कहते है।
*✍🏼76 कबीरा गुनाह ,51*

●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in
*नमाज़ी के आगे से गुज़रने के अहकाम*​ #02
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ

     दरख्त, आदमी और जानवर वगैरा का भी आड़ हो सकता है।

     आदमी को इस हालत में आड़ किया जाए जब कि उसकी पीठ नमाज़ी की तरफ हो। (अगर नमाज़ पढ़ने वाले के ऍन रुख की तरफ किसी ने मुह किया तो अब कराहत नमाज़ी पर नही उस मुह करने वाले पर है, लिहाज़ा इमाम के सलाम फेरने के बाद मुड़ कर पीछे देखने में एहतियात ज़रूरी है कि आप के ऍन पीछे की जानिब अगर कोई नमाज़ पढ़ रहा होगा और उस की तरफ आप अपना मुह करेंगे तो गुनाहगार होंगे)

     एक शख्स नमाज़ी के आगे से गुज़रना चाहता है और दूसरा शख्स उसी को आड़ बना कर उसके चलने की रफ़्तार के ऍन मुताबिक़ उसके साथ ही गुज़र जाए तो पहला शख्स गुनाहगार हुवा और दूसरे के लिये यहि पहला शख्स आड भी बन गया।

     नमाज़े बा जमाअत में अगली सफ में जगह होने के बा वुजूद किसी ने पीछे नमाज़ शुरू कर दी तो आने वाला उसकी गर्दन फलांगता हुवा जा सकता है कि उसने अपनी हुरमत अपने आप खोई।

बाक़ी कल की पोस्ट में..ان شاء الله
*✍🏼नमाज़ के अहकाम 216*

●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से,
गर होजाए यक़ीन के.....
*अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...*
●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•●
*​DEEN-E-NABI ﷺ*
📲JOIN WHATSAPP
📱+91 95580 29197
📧facebook.com/deenenabi
📧Deen-e-nabi.blogspot.in